AICTE Yashasvi Scholarship 2025: इंजीनियरिंग छात्रों के लिए शुरू हुई 50,000 रुपए की स्कॉलरशिप

By Career Keeda | Feb 15, 2025

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की शुरूआत की गई है। इस 'यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप और समग्र शैक्षणिक कौशल उद्यम पहल (यशस्वी) योजना 2025' के लिए है। इस स्कॉलरशिप को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की कोर शाखाओं में स्टूडेंट्स को तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। बता दें कि यह यह योजना इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के छात्रों के लिए है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस स्कॉलरशिप के बारे में जुड़ी सभी डिटेल्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

पात्रता और लाभ
यह स्कॉलरशिप सिर्फ कोर इंजीनियरिंग ब्रांच में डिग्री और डिप्लोमा करने वाले छात्रों के लिए है। इस योजना के तहत 5200 छात्रवृत्तियां दी जाएगी। जिसमें से 2,593 डिग्री छात्रों और 2,607 डिप्लोमाधारक छात्रों के लिए आरक्षित है। डिग्री वाले छात्रों को प्रति साल 50,000 रुपए और डिप्लोमा छात्रों को प्रति साल 30,000 रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। यह स्कॉलरशिप डिग्री छात्रों के लिए अधिकतम चार साल और डिप्लोमा छात्रों को अधिकतम 3 सालों तक दी जाएगी।

आवेदन प्रोसेस और लास्ट डेट
इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार 15 फरवरी तक AICTE की ऑफिशियल वेबसाइट yashasvi@aicte-india.org पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। छात्रों द्वारा किए गए सभी आवेदन संस्थान द्वारा सत्यापित किए जाएंगे और AICTE के स्तर पर दोबारा जांच की जाएगी। वहीं इस छात्रवृत्ति के लिए चयनित छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए राशि प्रदान की जाएगी।

पात्रता मानदंड
इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले के लिए AICTE द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान में डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रम के फर्स्ट ईयर या पार्श्व प्रवेश के माध्यम से सेकेंड ईयर में एडमिशन ले चुके हैं।
वहीं स्टूडेंट के परिवार की सालाना आया 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी किया गया होना चाहिए।

इन बातों की भी रखें खास ख्याल
बता दें कि योग्यता परीक्षा और डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रम में एडमिशन के बीच का डिफरेंस अधिकतम दो वर्ष होना चाहिए। वहीं अगर स्टूडेंट आरक्षित श्रेणी का है और मेरिट लिस्ट में सामान्य श्रेणी में चयनित होता है। तो उस स्टूडेंट को सामान्य श्रेणी में माना जाएगा।

यह स्कॉलरशिप सिर्फ कोर इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए है। वहीं अगर स्टूडेंट किसी अन्य शाखा में स्थानांतरित होता है तो वह स्टूडेंट इस स्कॉलरशिप के लिए अयोग्य माना जाएगा और उसको छात्रवृत्ति की पूरी राशि वापस करनी होगी।

यह योजना स्टूडेंट्स को तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है। ऐसे में इच्छुक और योग्य छात्र समय पर आवेदन कर सकते हैं। वही सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स सही तरीके से सबमिट करें।